स्वामी हरीश्वरानंद तीर्थ महराज के प्रपौत्र अरविंद स्वामी जोशी ने बताया अनोखा किस्सा
सेक्टर छह स्थित श्री स्वामी डूंग जी महाराज संस्थान भूरा मठ के अन्नक्षेत्र का ऐतिहासिक गौरव
प्रयागराज,17 जनवरी (आरएनएस)। संगम के रेतीली धरा पर अनवरत दान-पुण्य का सिलसिला जारी है। यहां एक ऐसा मठ भी डेरा जमाए है, जिसके किस्से सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। संतों और गाय की सेवा के लिए तकरीबन 200 करोड़ की सम्पत्ति बेच दी गई थी।
सेक्टर छह स्थित श्री स्वामी डूंग जी महाराज संस्थान (भूरा मठ) के संचालक और दंडी समाज के प्रवक्ता विद्यामार्तंड अरविंद स्वामी जोशी बताते हैं कि वह पिछले 134 वर्षों से संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में अन्नक्षेत्र का संचालन कर रहे हैं। इस समय वह माघ मेला में अन्नक्षेत्र का संचालन कर रहे हैं। इसमें काफी संख्या में संतों और गरीब-असहायों को भोजन प्रसाद वितरित किया जाता है। वह बताते हैं कि उन्होंने यह सीख स्वामी हरीश्वरानंद तीर्थ (हुकुमानंद जी) से प्राप्त की है। 106 वर्ष के जीवनकाल में उन्होंने गोवंश की हत्या रोकने के लिए अपने सभी आश्रमों तक को बेच दिया। इसमें काशी में पांच भवन आश्रम के अलावा चित्रकूट, हरिद्वार, बृजघाट, कोलकाता, रिसड़ा और प्रयागराज के आश्रम शामिल हैं। इसके साथ ही वह संतों की लगातार सेवा भी कर रहे हैं।
बॉक्स
प्रयाग से जाते हैं खाली हाथ
स्वामी अरविंद बताते हैं कि वह हर वर्ष तंबुओं की नगरी में शिविर लगाते हैं। इस बीच वह प्रतिदिन भव्य तरीके से अन्नक्षेत्र का संचालन करते हैं। आखिरी दिन वह स्वच्छता ग्राहियों को भोजन कराते हैं और उन्हें अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित करते हैं। फिर शिविर में बचे हुए सामान को यहीं पर गरीबों के बीच दान कर गंगा मैया से आशीर्वाद लेकर रवाना हो जाते हैं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

