लखनऊ,17 जनवरी (आरएनएस)। लखनऊ में 18 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के 86वें सम्मेलन (्रढ्ढक्कह्रष्ट) एवं विधायी निकायों के सचिवों के 62वें सम्मेलन को लेकर पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए हैं। यह राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन विधान भवन में संपन्न होगा, जिसमें देशभर से पीठासीन अधिकारी, विधायी निकायों के सचिव और अनेक अति विशिष्ट अतिथि सपरिवार प्रतिभाग करेंगे।सम्मेलन में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा एवं राज्यसभा के महासचिव सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। प्रतिभागियों का आगमन 18 जनवरी की सुबह से प्रारंभ होगा, जबकि मुख्य सम्मेलन कार्यक्रम का समापन 21 जनवरी को होगा। इसके बाद 22 जनवरी को धार्मिक स्थलों का भ्रमण तथा 23 जनवरी को लखनऊ से प्रस्थान प्रस्तावित है। सभी अतिथियों का प्रवास पूर्व निर्धारित होटलों और गेस्ट हाउसों में रहेगा, जहां से वे तय कार्यक्रम के अनुसार आवागमन करेंगे।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को देखते हुए लखनऊ में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सघन पुलिस व्यवस्था लागू की गई है। विधान भवन, कार्यक्रम स्थल, अतिथियों के प्रवास स्थल और आवागमन मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी और यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। एंटी-सबोटाज चेकिंग, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और एंटी-माइन टीमों के माध्यम से लगातार जांच की जा रही है, जबकि सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम स्थल और संवेदनशील क्षेत्रों को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया है। फील्ड डिप्लॉयमेंट के अंतर्गत कुल 1683 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, निरीक्षक, उप-निरीक्षक, महिला पुलिसकर्मी, मुख्य आरक्षी, आरक्षी और होमगार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पीएसी की पांच कंपनियां, एटीएस की टीमें, डीएफएमडी, बीडीडीएस, एएस चेक टीम, फायर सर्विस और खुफिया इकाइयों की भी तैनाती की गई है।सम्मेलन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी पुलिस, प्रशासनिक और सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी पॉइंट, रूट प्लानिंग और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए रूट रिहर्सल, मेडिकल रिस्पांस और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी मॉक ड्रिल भी कराई गई है।यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। आयोजन स्थल तक जाने वाले मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार डायवर्जन व्यवस्था की गई है और आमजन की सुविधा के लिए अलग से यातायात परामर्श जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सीसीटीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है। कार्यक्रम क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस चौकियां, पीआरवी यूनिट और फायर स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।पुलिसकमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि सम्मेलन अवधि के दौरान जिला प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और आयोजन समिति के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।लखनऊ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें, पुलिस द्वारा जारी निर्देशों और यातायात डायवर्जन का पालन करें, ताकि आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
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