लखनऊ,17 जनवरी (आरएनएस)। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोडऩे तथा एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदीÓ के रूप में विकसित करने के लिए तैयार किए गए विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना प्रदेश के समावेशी विकास की रीढ़ बनेगी और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोडऩे और लखपति दीदी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनपदवार लक्ष्य आवंटन से संबंधित सभी सूचनाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचे।उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 99,39,191 परिवारों की महिलाएं योजना से आच्छादित हो चुकी हैं। विकसित उत्तर प्रदेश ञ्च2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोडऩा आवश्यक है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जीरो पावर्टी अभियान के तहत ऐसे 6,67,075 परिवार चिन्हित किए गए हैं, जो अभी तक स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय अन्न योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के 2.90 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों में से 2.10 करोड़ अवशेष परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 19,39,967 अवशेष लाभार्थी, 17,38,489 अवशेष विधवा पेंशन लाभार्थी तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल योजना से आच्छादित परिवारों में से छूटे हुए पात्र निर्धन परिवारों की महिलाओं को भी विशेष अभियान और आईईसी गतिविधियों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं को बैंकिंग सुविधाएं, ऋण, प्रशिक्षण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक-सामुदायिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे।लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने मंडल, जनपद और विकास खंड स्तर पर समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा त्रैमासिक, जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा मासिक तथा विकास खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में प्रत्येक 15 दिवस पर बैठक आयोजित कर स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों के जुड़ाव, बैंक खाते खोलने और लोकोस (सखी ऐप) एमआईएस में प्रविष्टि की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्य विकास अधिकारी स्वहस्ताक्षर से कार्यक्रम की प्रगति आख्या नियमित रूप से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मुख्यालय को भेजेंगे। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय योजना के लाभार्थी परिवारों की महिलाओं को शत-प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए, विकास खंडवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और लोकोस ऐप पर समय से अंकन कर सतत समीक्षा की जाए।उप मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यूपीएसआरएलएम के मिशन निदेशक द्वारा इस योजना की प्रगति आख्या प्रत्येक 15 दिवस में शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि लक्ष्य की समयबद्ध और प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश में समावेशी विकास और गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा।
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