इंफाल ,18 जनवरी (आरएनएस)। मणिपुर हिंसा में सामूहिक दुष्कर्म और बर्बरता की शिकार कुकी-जो युवती का गुवाहाटी में निधन हो गया। तीन साल तक इलाज चलने के बाद भी वह बच नहीं सकी। पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
मणिपुर में मई 2023 की जातीय हिंसा के दौरान दरिंदगी का शिकार हुई कुकी-जो युवती की मौत हो गई है। करीब तीन साल तक गंभीर चोटों और सदमे से जूझने के बाद दस जनवरी 2026 को गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में उसने आखिरी सांस ली। मौत के समय उसकी उम्र करीब 20 साल थी।
यह घटना 15 मई 2023 की है, जब पीडि़ता सिर्फ 18 साल की थी। वह इम्फाल के न्यू चेकॉन इलाके में एटीएम से पैसे निकालने गई थी। आरोप है कि वहां उसे रोक लिया गया और हथियारबंद लोगों के हवाले कर दिया गया। हमलावरों ने उसकी आंखों पर पट्टी बांधी और इम्फाल में अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसके साथ बेरहमी से यौन उत्पीडऩ और मारपीट की। इसके बाद वे लोग उसे मरा हुआ समझकर छोड़कर मौके से फरार गए, लेकिन एक ऑटो चालक ने उसकी जान बचाई और अस्पताल पहुंचाया।
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