बीजापुर, 22 जनवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम उसपरी के पास इंद्रावती नदी पार करते समय एक नाव अचानक पलट गई। नाव में सवार 6 ग्रामीणों में से 2 लोगों को तो आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बचा लिया, लेकिन 4 लोग नदी के तेज बहाव में बह गए। लापता लोगों में 2 बच्चे और 2 महिलाएं शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, भैरमगढ़ ब्लॉक के दूरस्थ और अंतिम छोर पर बसे कई गांवों के ग्रामीण आज भी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार आने-जाने नाव के सहारे ही इंद्रावती नदी पार करते हैं। बुधवार को भी ग्रामीण बाजार से खरीदारी कर नाव से वापस लौट रहे थे। नदी के बीच पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों की तत्परता से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चार लोग तेज बहाव में बह गए। शाम का समय और अंधेरा होने के कारण तत्काल रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतें आईं।
भैरमगढ़ एसडीएम प्रकाश सर्वे ने बताया कि ग्रामीणों से नाव पलटने और लोगों के लापता होने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। आसपास के गांवों के लोगों की भी मदद ली जा रही है। अंधेरा होने के कारण देर रात तक सीमित सफलता मिली, जबकि गुरुवार सुबह से सर्च ऑपरेशन को तेज किया जाएगा।
इंद्रावती नदी में नाव पलटने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। अगस्त 2025 में बेलनार से भैरमगढ़ जाते समय नाव पलटने से एक साल के बच्चे और चार महिलाएं बह गई थीं। वर्ष 2022 में नाव पलटने से मेडिकल टीम के एक फार्मासिस्ट की डूबने से मौत हो गई थी। वहीं 2018 में नाव पलटने की घटना में 10 लोग नदी में बह गए थे, जिनमें एक महिला और एक बच्चा लापता हो गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नावों में क्षमता से अधिक सवारी, नदी का तेज बहाव और वैकल्पिक परिवहन साधनों की कमी हादसों की बड़ी वजह है। कई गांवों के लिए नाव ही नदी पार करने का एकमात्र साधन है, जिससे जान का खतरा लगातार बना रहता है। बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
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