टोकनधारी किसानों के धान का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य, 27 जनवरी के बाद की खरीदी अलग स्टैकिंग में
धान नहीं होने पर रकबा समर्पण के निर्देश, 50 क्विंटल से अधिक विक्रय पर एसडीएम सत्यापन जरूरी
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 24 जनवरी 2026 (आरएनएस) कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शनिवार को सारंगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले की धान खरीदी समितियों के प्रबंधकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ विकासखंडों के समिति प्रबंधक उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी से जुड़े शासन के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि खराब गुणवत्ता वाले धान एवं अवैध कोचियों का धान किसी भी परिस्थिति में न खरीदा जाए। यदि किसी समिति या मंडी प्रभारी द्वारा वास्तविक किसान का धान न लेकर अवैध कोचियों का धान खरीदा गया, तो संबंधित के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि धान खरीदी से पहले भौतिक सत्यापन अनिवार्य है और किसी भी वास्तविक किसान का धान यदि नहीं खरीदा गया तो संबंधित समिति प्रबंधक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। छोटे और सीमांत किसानों को एसडीएम या कलेक्ट्रेट कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि 50 क्विंटल से अधिक धान विक्रय करने वाले बड़े किसानों का सत्यापन एसडीएम स्तर से होने के बाद ही खरीदी की जाए। शासन के निर्देशानुसार 23 जनवरी तक की गई धान खरीदी की अलग स्टैकिंग तथा 27 जनवरी के बाद होने वाली खरीदी की पृथक स्टैकिंग सुनिश्चित की जाए। जिन किसानों ने टोकन कटवाने के बाद धान नहीं रखा है, उनसे रकबा समर्पण कराया जाए। खराब धान की जांच कर उसे नियमानुसार रिजेक्ट किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 27 जनवरी के बाद की धान खरीदी पर डीओ कटौती नहीं होगी।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने दोहराया कि अवैध कोचियों का धान खरीदने वाले किसी भी समिति प्रबंधक को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक का उद्देश्य यह है कि कोई भी वास्तविक किसान धान विक्रय से वंचित न रहे और धान खरीदी शासन द्वारा तय मानकों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप पारदर्शी तरीके से की जाए।

