लखनऊ,07 फरवरी (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश में 18,727 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि अब ‘पीडीए पाठशालाÓ के सांकेतिक आंदोलन को एक वास्तविक जनआंदोलन में बदलना होगा। तभी शोषित-वंचित समाज की आने वाली पीढिय़ां पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना सामाजिक न्याय और बराबरी की कल्पना भी संभव नहीं है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की शिक्षा-विरोधी सोच के कारण ही देशभर में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। भाजपाई जानते हैं कि शिक्षा से समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक चेतना पैदा होती है, जो उनकी दकियानूसी, रूढि़वादी और संकीर्ण सोच को चुनौती देती है। इसी डर से भाजपा शिक्षा, ज्ञान और विज्ञान के खिलाफ खड़ी है और अपने एकरंगी, नकारात्मक विचारधारा के तहत बच्चों को ढालना चाहती है।उन्होंने कहा कि बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनना भाजपा का सामाजिक अपराध है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान पीडीए समाज को ही होगा। आने वाला चुनाव ऐतिहासिक होगा, क्योंकि इस बार शिक्षा का मुद्दा भाजपा को हराने का निर्णायक आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति और खासतौर पर हर मां चाहती है कि उसका बच्चा पढ़े-लिखे और आगे बढ़े। इस बार महिलाएं ही भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगी।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चाहे खातों में कुछ पैसे डालने का दिखावा करे, लेकिन गांव-गली-मोहल्ले तक यह बात फैल चुकी है कि अगर सरकारी स्कूल बंद हो गए तो निजी स्कूलों की खुली लूट शुरू हो जाएगी। खाते में जितना पैसा आएगा, उससे कहीं ज्यादा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च हो जाएगा। निजी स्कूलों की भारी फीस, यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी, रिक्शा-बस, प्रोजेक्ट, पिकनिक और विभिन्न कार्यक्रमों के खर्च आम परिवारों की कमर तोड़ देंगे।उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे कोई भी लालच दे, लेकिन इस बार जनता उसके झांसे में आने वाली नहीं है। लोग 15 लाख का हिसाब लेकर बैठे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि कब कोई भाजपाई या उसका समर्थक आए, ताकि पुराने वादों और दावों का हिसाब मांगा जा सके। यही वजह है कि आजकल लोग खुद को भाजपाई बताने से भी कतराने लगे हैं।अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि अगर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को खत्म किया गया तो महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त लोग अपने बच्चों को पढ़ा ही नहीं पाएंगे। और जो किसी तरह पढ़ाने की कोशिश भी करेंगे, उनकी पूरी कमाई निजी स्कूलों की फीस और अन्य खर्चों में ही खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा के अधिकार और सरकारी स्कूलों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
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