9 दुकानें बंद, विभाग ने अफवाहों पर दी सफाई
बाराबंकी 30 अप्रैल (आरएनएस)। मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के बाद बाराबंकी प्रशासन सतर्क हो गया है। इस घटना का प्राथमिक कारण बिरयानी और तरबूज का सेवन बताया जा रहा है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया। मुंबई की घटना के बाद खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर देशभर में चिंता बढ़ गई है। इसी क्रम में बाराबंकी के नवाबगंज, हैदरगढ़, फतेहपुर और रामसनेहीघाट क्षेत्रों में संयुक्त मजिस्ट्रेट और एसडीएम के नेतृत्व में मीट की दुकानों पर छापेमारी की गई। जांच में 19 में से 9 दुकानें बिना लाइसेंस और गंदगी के साथ संचालित पाई गईं, जिन्हें तत्काल बंद करा दिया गया। विभाग ने चेतावनी दी है कि असुरक्षित तरीके से मीट बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुंबई घटना में तरबूज को लेकर भी चर्चाएं थीं, जिससे बाराबंकी के बाजारों में ग्राहकों में डर फैल गया था। सोशल मीडिया पर तरबूज में इंजेक्शन या कृत्रिम रंग मिलाने की अफवाहें चल रही थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के फल बाजारों का निरीक्षण किया और जनता को आश्वस्त किया कि अब तक की जांच में बाराबंकी के तरबूजों में ऐसे किसी भी पदार्थ के प्रमाण नहीं मिले हैं। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और फल खरीदते समय साफ-सफाई का ध्यान रखने की अपील की है। विभाग ने बंद की गई 9 दुकानों के अलावा अन्य दुकानदारों को भी चेतावनी दी है। उन्हें कहा गया है कि यदि वे स्वच्छता और सुरक्षा मानकों में सुधार नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम में खाने-पीने की चीजों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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