चंडीगढ़ ,08 फरवरी (आरएनएस)। पंजाब की राजनीति में पिछले दो महीनों से चल रही रस्साकशी और बयानों की जंग का अंत एक बड़े धमाके के साथ हुआ है। कांग्रेस आलाकमान ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इसकी औपचारिक घोषणा की। हालांकि, डॉ. सिद्धू पहले ही 31 जनवरी को अपना इस्तीफा सौंप चुकी थीं, लेकिन पार्टी ने उन्हें निकालकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब सिद्धू परिवार की अनुशासनहीनता और बागी तेवरों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल पर निजी हमला, तल्खी चरम पर
पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के तेवर और भी तल्ख हो गए हैं। निष्कासन के बाद उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा पलटवार किया और मर्यादा की सारी हदें लांघ दीं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निजी हमला बोलते हुए उन्होंने उनके लिए बेहद अपमानजनक शब्द ‘पप्पूÓ का इस्तेमाल किया। आमतौर पर विपक्षी खेमे द्वारा उपहास के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस शब्द का प्रयोग कर नवजोत कौर ने यह साफ कर दिया है कि गांधी परिवार और कांग्रेस के साथ उनके रिश्तों की डोर अब पूरी तरह टूट चुकी है।
ष्टरू बनने के लिए देना पड़ता है 500 करोड़ का सूटकेस
इस विवाद की नींव पिछले साल दिसंबर में ही पड़ गई थी, जब नवजोत कौर ने कांग्रेस हाईकमान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा वही बनता है जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू सक्रिय राजनीति में तभी लौटेंगे जब उन्हें सीएम फेस घोषित किया जाएगा। उनका कहना था कि पार्टी में इतनी गुटबाजी है कि वे सिद्धू को आगे नहीं बढऩे देंगे। वहां पहले से ही पांच दावेदार मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं और वे खुद ही कांग्रेस को हराने पर तुले हुए हैं।
क्या अब होगी ‘घर वापसीÓ? सिद्धू की चुप्पी पर सस्पेंस
डॉ. सिद्धू के निष्कासन के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवजोत सिंह सिद्धू का अगला कदम क्या होगा? तकनीकी रूप से सिद्धू अभी कांग्रेस का हिस्सा हैं, लेकिन पत्नी के बयानों को उनके राजनीतिक भविष्य का ट्रेलर माना जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की जमकर तारीफ की। इन संकेतों से अटकलें तेज हो गई हैं कि सिद्धू परिवार अपनी पुरानी पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी में ‘घर वापसीÓ कर सकता है।
बगावत से रहा है पुराना नाता, कैप्टन से भी लिया था पंगा
सिद्धू परिवार का राजनीतिक इतिहास बगावत और अपनी ही सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोलने का रहा है। साल 2012 में भाजपा विधायक रहते हुए भी डॉ. कौर ने अपनी ही सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए थे। 2014 में अरुण जेटली को टिकट मिलने पर उनकी भाजपा से दूरियां बढ़ीं। 2017 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद नवजोत सिद्धू का तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से 36 का आंकड़ा रहा। उन्होंने अपनी ही सरकार को बेअदबी के मुद्दों पर घेरा, जिसके चलते कैप्टन को कुर्सी छोडऩी पड़ी थी। फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन राहुल गांधी पर हुए इस सीधे हमले के बाद कांग्रेस में उनके लिए वापसी के सभी रास्ते बंद माने जा रहे हैं।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

