बिलासपुर 11 फरवरी 2026(आरएनएस) अवैध रूप से निर्मित दुकानों को हटाने के लिए जारी प्रशासनिक आदेश के विरोध में गरीब और छोटे दुकानदारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि हालिया आदेश के तहत उनकी अस्थायी दुकानों को भी हटाए जाने की आशंका उत्पन्न हो गई है जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। दुकानदारों ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानों को अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा जा रहा है वे न तो स्थायी हैं और न ही अवैध निर्माण के अंतर्गत आती हैं। ये दुकानें केवल सप्ताह में एक दिन शनिवार को सुबह 5 बजे से 12 बजे तक लगाई जाती हैं और इसके बाद पूरी तरह हटा ली जाती हैं। साथ ही ये दुकानें सड़क किनारे इस प्रकार लगती हैं कि मुख्य मार्ग के यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होती। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि दुकानों के कारण यातायात बाधित होता है जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। अस्थायी दुकानों से न तो ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है और न ही आमजन को किसी प्रकार की गंभीर असुविधा होती है। उल्टे, इन दुकानों से स्थानीय लोगों को आवश्यक वस्तुएं सस्ते दामें पर उपलब्ध हो जाती हैं। इन दुकानों के माध्यम से कई गरीब, मजदूर वर्ग और जरूरतमंद परिवारों की आजीविका चलती है।


















