० बकावंड और दरभा ब्लॉक में व्याख्याता को दिया बीईओ का प्रभार।
० प्रमोशन के बाद प्राचार्यों को भेजा गया स्कूलों में पढ़ाई लिखाई करवाने।
केशव सल्होत्रा
रीजनल हैड राष्ट्रीय न्यूज सर्विस
जगदलपुर, 11 फरवरी (आरएनएस)। शिक्षा सत्र इस समय अपने चरम पर पहुंचा हुआ है। इतना ही नहीं अब परीक्षाएं भी सर पर आ गई हैं। वही दूसरी ओर एक बड़ी विडंबना जिले में देखने मिल रही है। बस्तर जिले में सात ब्लॉक हैं। इसमें किलेपाल (बास्तानार) ही इकलौता ब्लॉक है जहां फुल फलेज बीईओ की पोस्टिंग है। जगदलपुर में काफी उठा पटक के बाद हाल ही में प्राचार्य बने अनिल दास को चार्ज दिया गया है। बाकी जगह प्रभारी बीईओ ही काम चला रहे हैं। तोकापाल, लोहांडीगुड़ा और बस्तर ब्लॉक में एबीईओ को चार्ज दिया गया है। अभी तक इन तीनों की बीईओ के पद पर प्रमोशन नहीं हुई है। वही बकावंड और दरभा में तो इस पद पर व्याख्याताओं से ही काम चलाया जा रहा है। जबकि पिछले दिनों बस्तर जिले में करीब 100 व्याख्याता प्रमोशन के बाद प्रिंसीपल बने हैं । इनको स्कूलों में पढ़ाने लिखाने के लिए भेजा गया है। विचारणीय यह है कि सीनियर जब स्कूल में रहेंगे और उनके ऊपर जूनियर यानि व्याख्याता स्तर के अध्यापकों की कमांड कैसे आएगी। इससे प्रशासनिक कसावट संभव नहीं हो पाती।
पढ़ाई पर पड़ता है असर,हो सकती हैं और भी दिक्कतें
शासन का नियम है कि प्राचार्य को बीईओ बनाया जा सकता है। वही दूसरी ओर जब किसी लेक्चरार को यह प्रभार सौंपा जाता है तो वे अपने मूल स्कूल से हटकर प्रशासनिक व्यवस्था में चला जाता है। इसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई पर आता है। जिसका नुकसान विधार्थियों को ही होता है। क्योंकि हर व्याख्याता किसी ना किसी विषय का विशेषज्ञ होता है। इसके अलावा कोई सीनियर यदि इस नियम को चुनौती देता है तो लेक्चरर को दिक्कत आ सकती है। सुकमा जिला में भी कुल 3 ब्लॉक में एक ही फुल फलेज बीईओ छिंदगढ में है। बाकी कोंटा और सुकमा दो जगह प्रभार से काम चलाया जा रहा है। बीजापुर जिले में भी व्यवस्था प्रभारियों के भरोसे है। कमोबेश यही स्थिति अन्य जिलों में भी बताई जा रही है।
एबीईओ की प्रमोशन का फिलहाल पूरा हो चुका है सेट अप
नियमानुसार टोटल बीईओ के पदों के विरुद्ध 25% एबीईओ को प्रमोशन देकर बीईओ बनाना था। इस नियम के मुताबिक जो क्रम में ऊपर थे उनका प्रमोशन हो गया। शेष का प्रमोशन अब अगली सूची में होना है। इसी वजह से बस्तर,लोहांडीगुड़ा और तोकापाल ब्लाक में एबीईओ को ही चार्ज दिया गया है। हालांकि इन तीनों अधिकारियों का प्रमोशन भी पेंडिंग है। इसके अलावा 25% के क्राइटेरिया के बाद बाकी प्राचार्य को बीईओ की जिम्मेदारी देनी थी। उल्लेखनीय है कि लेक्चरार के प्रमोशन की लिस्ट 2019 में निकलनी थी। किन्हीं कारणों से अब जाकर यह सूची जारी हुई है। अब अगली प्रमोशन लिस्ट कब आएगी इसका किसी को कुछ पता नहीं है।
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