नई दिल्ली ,12 फरवरी । देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (स्नष्ठञ्जरु) नियमों के पालन में मिली 68 दिनों की अस्थायी राहत मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (ष्ठत्रष्ट्र) ने यह छूट दिसंबर 2025 में आए परिचालन संकट के बाद दी थी, ताकि एयरलाइन अपने पायलटों के रोस्टर और उड़ान प्रणालियों को नए सुरक्षा मानकों के अनुरूप ढाल सके। अब बुधवार, 11 फरवरी 2026 से इंडिगो को बिना किसी अतिरिक्त छूट के संशोधित नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।
ष्ठत्रष्ट्र की रही कड़ी निगरानी
राहत की इस 68 दिनी अवधि के दौरान डीजीसीए ने इंडिगो के परिचालन पर बेहद सख्त नजर रखी। एयरलाइन को हर घंटे की फ्लाइट रिपोर्ट के साथ-साथ साप्ताहिक और पाक्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ी। इतना ही नहीं, नियामक ने हवाई अड्डों पर अपने विशेष अधिकारी तैनात किए थे और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से इंडिगो के कामकाज की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई। डीजीसीए ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह राहत केवल एक सीमित समय के लिए थी और सुरक्षा मानकों से समझौता करते हुए इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
एयरलाइन ने कहा- हम पूरी तरह तैयार
इंडिगो ने डीजीसीए को आश्वस्त किया है कि वह 11 फरवरी से नए स्नष्ठञ्जरु नियमों को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। एयरलाइन के अनुसार, उसने अपनी रोस्टर योजना और क्रू शेड्यूलिंग में सभी आवश्यक बदलाव कर लिए हैं। भविष्य में किसी भी तरह के व्यवधान से बचने के लिए इंडिगो ने पायलट-टू-एयरक्राफ्ट रेशियो (विमान के अनुपात में पायलटों की संख्या) को बढ़ा दिया है और एक मजबूत रिजर्व पायलट पूल तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि उनके पास अब पर्याप्त ‘पायलट बफरÓ उपलब्ध है, जिससे सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।
दिसंबर 2025 का संकट और भारी जुर्माना
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में इंडिगो को एक बड़े परिचालन संकट का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते 5,500 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं। इस अव्यवस्था के कारण लाखों यात्रियों को परेशानी हुई, जिसके बाद डीजीसीए ने एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया था। इसी संकट को संभालने और नए नियमों में बदलाव के लिए ही 68 दिनों की मोहलत दी गई थी। अब इंडिगो को पायलटों के साप्ताहिक आराम, रात की उड़ान की सीमाओं और थकान प्रबंधन से जुड़े सभी कड़े प्रावधानों को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि नई तैयारियों के बाद अब यात्रियों को पहले जैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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