नई दिल्ली ,12 फरवरी (आरएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक नई रिपोर्ट में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम कई हमलों से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के संबंध में भी इस संगठन का जिक्र किया गया है।
सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा तैयार की गई 37वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले के तार पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाए गए। यूएन की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम ने जानकारी दी है कि लाल किले के पास हुए हमले में जैश की संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एक सदस्य देश ने दावा किया है कि जैश-ए-मोहम्मद ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इस खुलासे के बाद सीमा पार आतंकवाद को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को महिलाओं के लिए एक अलग विंग बनाने की घोषणा की, जिसका नाम जमात-उल-मुमिनात बताया गया। हालांकि यह विंग अभी यूएन की प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं है, लेकिन उस पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप लगाए गए हैं।
रिपोर्ट में सदस्य देशों के बीच मतभेद का भी जिक्र है। एक देश का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद अब भी सक्रिय है, जबकि दूसरे देश ने उसे निष्क्रिय बताया है। पाकिस्तान पहले भी यह दावा कर चुका है कि जैश और लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध के बाद वे सक्रिय नहीं हैं।
रिपोर्ट में अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी। यह हमला द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने किया था, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है। 28 जुलाई 2025 को इस मामले में तीन संदिग्ध मारे गए थे। इसके बाद मई में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए हमले में 15 लोगों की मौत होने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के बाद इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है।
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