0 ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका निर्णायक
दुर्ग, 13 फरवरी (आरएनएस)। आगामी नेशनल लोक अदालत 14 मार्च 2026 के सफल एवं व्यापक आयोजन के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा विभिन्न ग्रामों के सरपंचों की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला एवं सत्र न्यायालय के नवीन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एवं संचालन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा किया गया।
बैठक में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि ग्राम स्तर पर सरपंच प्रारंभिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। ग्राम पंचायतें स्थानीय विवादों, राजस्व प्रकरणों, पारिवारिक मतभेदों, बैंक ऋण संबंधी मामलों, विद्युत एवं जलकर बकाया, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों तथा धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित प्रकरणों की प्रथम जानकारी का प्रमुख स्रोत होती हैं। ऐसे में सरपंचों की सक्रिय भागीदारी के बिना अधिकतम प्रकरणों की पहचान एवं सूचीकरण संभव नहीं है।
सचिव ने कहा कि सरपंच न केवल स्थानीय स्तर पर पक्षकारों के मध्य संवाद स्थापित करने में सक्षम हैं, बल्कि वे आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में विश्वास निर्माण की भूमिका भी निभाते हैं। उन्होंने सरपंचों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने ग्रामों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन योग्य प्रकरणों की प्रारंभिक छंटनी कर सूची तैयार करें तथा संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों से अवगत कराते हुए सहभागिता सुनिश्चित करें।
बैठक में ग्राम स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने, मुनादी/सूचना प्रसारण, ग्राम सभाओं में घोषणा तथा व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों को लोक अदालत में प्रस्तुत करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। सरपंचों ने आश्वासन दिया कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर समन्वय स्थापित कर अधिकतम प्रकरणों के निराकरण हेतु सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस प्रकार उपरोक्त गतिविधि के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने स्पष्ट किया है कि नेशनल लोक अदालत त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है, जिसकी सफलता में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, विशेषकर सरपंचों की सहभागिता अत्यंत निर्णायक है।
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