नई दिल्ली 14 Feb, (Rns) : अमेरिका में आतंकी घोषित गुरुपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई है। शुक्रवार को उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद अदालत ने यह सजा सुनाई।
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि अमेरिका अपने नागरिकों को धमकाने या नुकसान पहुंचाने के विदेशी प्रयासों के खिलाफ सतर्क है। एजेंसी के अनुसार, निखिल गुप्ता ने हत्या के लिए भुगतान की व्यवस्था करने, साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोजहावस्की ने कहा कि एक अमेरिकी नागरिक को केवल अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के कारण निशाना बनाया गया, लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने समय रहते साजिश को विफल कर दिया।
अमेरिका के न्याय विभाग के मुताबिक, निखिल गुप्ता को एक भारतीय सरकारी कर्मचारी (जिसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया) ने पन्नू की हत्या के लिए कथित तौर पर ‘हिटमैन’ की व्यवस्था करने के लिए भर्ती किया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने साजिश को नाकाम कर दिया।
इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निखिल गुप्ता वर्तमान में भारत सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। गौरतलब है कि गुरुपतवंत सिंह पन्नू को भारत ने आतंकवादी घोषित किया है। उनके पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता भी है। अमेरिकी अधिकारियों ने दोहराया है कि अमेरिका में किसी भी नागरिक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।

