
रायपुर, 14 फरवरी (आरएनएस)। राजिम कल्प कुंभ २०२६ में लगभग 12 संतों का जो रायपुर के विभिन्न मठ मंदिरों में ईश्वर की सेवा में एवं सनातन की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उनका नाम कुंभ मेले में शामिल संतों की सूची से काटा जाना अपमान जनक है। राज्य शासन के संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग द्वारा उक्त संतों का नाम २०२४ एवं २५-२६ की सूची में राजपत्र में शामिल किया गया है। इसके बावजूद भी किसके इशारे पर यह नाम काटे गये हैं। उसे ढूंढकर राज्य शासन द्वारा दंडित किया जाए। संत समाज का कार्य सर्वजनों को लेकर परोपकार भाव से लोगों की सेवा करना है। उक्त बातें प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में संत समाज के महंत देवदास बिरंची नारायण मंदिर पुरानी मंदिर महंत वेदप्रकाश गोंडवाना संत निराहारी महाराज एवं महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा की मां सौम्या का नाम काटे जाने की जानकारी दी।
एस शर्मा
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