– हिन्दू सनातन के बिना नहीं हो सकती भारती की कल्पना: पवन
ऋषिकेश,14 फरवरी (आरएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूरे होने पर शनिवार को रायवाला के प्रतीतनगर में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हिंदू एकता का स्वर गूंजा। वक्ताओं ने हिंदू धर्म, संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। मुख्य वक्ता आरएसएस के प्रांत सेवा प्रमुख पवन ने कहा कि हिंदू सनातन के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती और इस तथ्य को पूरा विश्व स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक नहीं होता और यह राम के बिना संभव नहीं है। उनका कहना था कि ईश्वर भी शक्तिशाली और संगठित लोगों की सहायता करते हैं। कलयुग में जो संगठित रहेगा, वही विजयी होगा। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों में धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रति स्वाभिमान जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने चिंता जताई कि हम अपनी पारंपरिक बोली और खानपान को भूलते जा रहे हैं। पहली रोटी गाय को देना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है।केशव स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि हिंदू जागेगा तभी हिंदू राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि आज समाज सोशल मीडिया में व्यस्त है, जबकि आक्रांता हमारे समाज और संस्कृति को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि बलिराम हेडगेवार ने हिंदू समाज को जागृत करने के उद्देश्य से ही आरएसएस की स्थापना की थी। डॉ. सुनैना रावत ने कहा कि बालिकाओं को माता सीता के आदर्शों का पालन करने की शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को समय दें और उन्हें अच्छे संस्कार प्रदान करें, अन्यथा कोई और उन्हें गलत दिशा में ले जा सकता है। हमें अपने गौरवशाली इतिहास को सदैव स्मरण रखना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अजय साहू ने किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, जिपं सदस्य दिव्या बेलवाल, ग्राम प्रधान राजेश जुगलान, मुकेश तिवारी, गणेश रावत, विक्रांत नेगी, मकान सिंह कुमाई, हरीश रावत, बालेन्द्र नेगी, राजू तिवारी, कमल कुमार, विक्रम तडिय़ाल, मोहन कंडवाल, आशीष जोशी, रवि कुकरेती, बीना बंगवाल, अनिता भट्ट, उमा जोशी, कमलेश भंडारी, देवकी सुवेदी, लक्ष्मी गुरुंग सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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