भोपाल 17 फरवरी (आरएनएस)। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज सरकार ने 19,287 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया।
अनुपूरक बजट में 19287.32 करोड़ के प्रस्ताव में 1650 करोड़ रुपए का प्रावधान सरकार ने पिछले दिनों में लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए किया है। बजट में 950 करोड़ रुपए की व्यवस्था नए कर्ज का ब्याज भुगतान करने और 700 करोड़ रुपए पुराने कर्ज के ब्याज राशि भुगतान के लिए तय किए गए हैं। इस अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 23 फरवरी का दिन तय किया है।
अनुपूरक बजट में राजस्व मद में 8,934.03 करोड़ और पूंजीगत मद में 10353 करोड़ रुपए का प्रावधान करते हुए कहा गया है कि बजट में सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का प्रावधान है। विधानसभा में मंगलवार को सदन में पेश किए गए तीसरे अनुपूरक बजट में किए गए प्रावधान की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन निधि में राज्य राशि के रूप में 100 करोड़ रुपए, वन विभाग में वन रोपण निधि पर ब्याज के भुगतान के लिए 161 करोड़ रुपए तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग में निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 1,250 करोड़ रुपए तय किए गए हैं।
वित्त विभाग में पुराने और नए कर्ज पर ब्याज राशि के भुगतान के लिए 1,650 करोड़ रुपए, वाणिज्यिक कर विभाग में विभिन्न मदों में ट्रांसफर करने के लिए 1,388 करोड़ रुपए, श्रम विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के लिए 615 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। जिला खनिज फंड के लिए खनिज विभाग में 321 करोड़ तथा खनिज अधिनियम से रक्षित निधि के लिए 140 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा विभाग में ऊर्जा कंपनियों को अल्पकालीन ऋण देने के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट में 2,630 करोड़, नगरीय विकास एवं आवास विभाग में 15वें वित्त आयोग के अनुसार स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 1,569 करोड़, मिलियन शहरों के अनुदान देने के लिए 248 करोड़, तथा विभागीय संस्थाओं को अल्पकालीन लोन देने के लिए 370 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
अनुपूरक बजट में सड़कों और पुल पुलियों के लिए भी राशि तय की गई है। लोक निर्माण विभाग में भू अर्जन के बाद मुआवजा देने के लिए 1,337 करोड़, ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्यों के लिए 225 करोड़, बड़े पुलों के निर्माण के लिए 125 करोड़ की व्यवस्था तय की गई है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत अतिरिक्त स्टांप शुल्क वसूली के विरुद्ध अनुदान देने के लिए 605 करोड़, नर्मदा घाटी विकास विभाग में विभिन्न सिंचाई योजनाओं और परियोजनाओं के लिए 4,700 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
जल संसाधन विभाग में बांध व नहर कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपए, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में जल जीवन मिशन (छ्वछ्वरू) के लिए 300 करोड़, तकनीकी शिक्षा, कौशल और रोजगार विभाग में मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए 600 करोड़ और मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के लिए 120 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत एमएसएमई व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए 213 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
विपक्ष ने अनुपूरक बजट के आकार और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। जबकि सरकार ने इसे विकास और वित्तीय संतुलन की दिशा में आवश्यक कदम बताया। अब इस पर सदन में विस्तृत चर्चा की संभावना है।
बता दें कि आज मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा बजट का दूसरा दिन था। बजट सत्र शुरू होने से पहले सदन परिसर में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इंदौर के भागीरथपूरा का दूषित पानी और 35 मौतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

