भोपाल 17फरवरी (आरएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गंदे पानी की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की। यदि कोई एक्शन लिया जाता, तो इतनी मौतें नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से पानी का टैक्स वसूलती है। सरकार विधान सभा में कहती है कि स्वच्छ पानी दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्हें साफ पानी नहीं मिल रहा है। गरीब पानी फिल्टर की मशीनें नहीं खरीद सकते। आरओ मशीन नहीं लगा सकते। इसलिए वे सीधे सरकार की सप्लाई व्यवस्था पर ही निर्भर हैं। ऐसे में क्या सरकार की, कुर्सी पर बैठे मंत्रियों की कोई जवाबदारी नहीं है।
उमंग सिंघार ने कहा कि इस मामले में जो भी मंत्री दोषी हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उनसे इस्तीफा लिया जाए। और अगर मुख्यमंत्री ऐसे मंत्रियों से इस्तीफा नहीं ले सकते, तो उन्हें खुद सीएम का पद छोड़ देना चाहिए।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि इंदौर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन सरकार इसे पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कई बार स्थिति की समीक्षा की है और नगरीय निकायों नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आम नागरिक को स्वच्छ पेयजल मिले। नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।

