नई दिल्ली 19 Fec, (Rns): इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि भारत और फ्रांस अमेरिका या चीन के AI मॉडल पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहते। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साथ-साथ पूरे यूरोप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने का साझा संकल्प है।
मैक्रों ने जोर देकर कहा, “मैं सच में मानता हूं कि भारत, फ्रांस और यूरोप में हमारा एक ही जुनून है कि हम अमेरिका या चीन के किसी एक मॉडल पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहते। हमें एक व्यापक और संतुलित मॉडल चाहिए।” फ्रांसीसी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में AI की दौड़ तेज हो चुकी है और कुछ बड़े वैश्विक खिलाड़ी बाजार पर हावी हैं। मैक्रों ने भारत, फ्रांस और यूरोप से एकजुट होकर ऐसा ढांचा तैयार करने की अपील की जो तकनीकी संप्रभुता को प्राथमिकता दे और किसी एक देश या कंपनी पर आंख मूंदकर भरोसा न करे।
AI में आत्मनिर्भरता के लिए स्पष्ट रोडमैप
मैक्रों ने AI के क्षेत्र में स्वतंत्रता हासिल करने के लिए मजबूत आधार तैयार करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे पास पर्याप्त डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता हो। हमें अपने देशों में प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना होगा। यह साफ तौर पर कंप्यूटिंग क्षमता, प्रतिभा और पूंजी का सवाल है।”
उन्होंने स्वीकार किया कि AI की वैश्विक दौड़ में अमेरिका और चीन फिलहाल आगे हैं, जबकि भारत और फ्रांस पीछे हैं। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के पास मजबूत संसाधन और क्षमता मौजूद है। मैक्रों ने कहा, “हम अमेरिका और चीन से पीछे हैं, लेकिन हम इस रेस में हैं। हमारे पास कई अहम एसेट्स हैं और हम प्रतिस्पर्धा में बने हुए हैं।”

