नई दिल्ली,08 मई (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र को पोन्नैयार नदी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद पर फैसला सुनाने के लिए एक अंतरराज्यीय जल न्यायाधिकरण (इंटर-स्टेट वॉटर ट्रिब्यूनल) बनाने के अपने 2 फरवरी, 2026 के फैसले का पालन करने के लिए छह महीने का समय दिया.
यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच के सामने आया. पोन्नैयार एक अंतरराज्यीय नदी है. कर्नाटक ऊपरी नदी वाला राज्य है और तमिलनाडु निचला नदी वाला राज्य है. एडवोकेट निशांत पाटिल ने सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक सरकार का प्रतिनिधित्व किया.
सुनवाई के दौरान, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि सरकार इस मामले में तेजी से कदम उठा रही है. बेंच ने ट्रिब्यूनल बनाने के लिए छह महीने का समय मांगने वाली केंद्र की अर्जी मंजूर कर ली.
केंद्र ने अपनी अर्जी में कहा कि जल शक्ति मंत्रालय ने इस कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं, क्योंकि अंतर-मंत्रालयी सलाह-मशविरा पूरा हो चुका है. केंद्र ने कहा कि कानूनी और प्रक्रियात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए ठीक-ठाक समय चाहिए. केंद्र ने कहा, आवेदक इस कोर्ट के निर्देशों का जल्द से जल्द पालन पक्का करने की पूरी कोशिश कर रहा है. पालन में देरी न तो जानबूझकर की गई है और न ही जानबूझकर, बल्कि यह उसके नियंत्रण से बाहर के हालात की वजह से हुई है.
इसमें कहा गया है कि अलग-अलग मंत्रालयों के विचारों और टिप्पणियों को शामिल करने के बाद, कैबिनेट नोट के मसौदे को जल शक्ति मंत्री ने मंजूरी दे दी है. केंद्र ने कहा कि कैबिनेट नोट के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल के विचार के लिए कैबिनेट सचिवालय को भेज दिया गया है.
केंद्र ने कहा कि निर्देशों का पालन पक्का करने के लिए बाकी औपचारिकता में कैबिनेट की मंजूरी के बाद, इंटर स्टेट रिवर वॉटर डिस्प्यूट्स एक्ट, 1956 के अनुसार पोन्नैयार डिस्प्यूट ट्रिब्यूनल में चेयरमैन और सदस्यों के पद के लिए नामांकन का अनुरोध सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा जाएगा.
केंद्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों के नामांकन के बाद, मसौदा अधिसूचना कानूनी मामलों के विभाग द्वारा तैयार और जांचा जाएगा, उसके बाद ट्रिब्यूनल बनाने संबंधी सुचनाओं को सूचित किया जाएगा.
तमिलनाडु ने 1956 के एक्ट के सेक्शन 3 के तहत शिकायत दर्ज की. राज्य सरकार ने शिकायत की कि कर्नाटक द्वारा मुख्य पोन्नैयार नदी और उसकी सहायक मार्केंडेय नदी पर शुरू किए गए अलग-अलग परियोजनाओं ने तमिलनाडु राज्य और उसके निवासियों के हितों पर बुरा असर डाला है या पडऩे की संभावना है.
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