पिथौरागढ़,19 फरवरी (आरएनएस)। जनगणना के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरु हो गई है। पहले चरण में घर-घर जाकर मकानों की गणना होगी,दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। गुरुवार को विकास भवन में जनगणना को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डीएम आशीष भटंगाई ने किया। डीएम आशीष ने कहा कि जनगणना का हमारे देश में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह न केवल विकास योजनाओं के निर्माण का आधार है, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमुख साधन भी है। एडीएम योंगेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इसी के आधार पर विकास योजनाएं बनाती हैं। सटीक आंकड़ों के बिना योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है, इसलिए इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। आगामी जनगणना 2027 शत प्रतिशत डिजिटल की जाएगी। पहले चरण में घर-घर जाकर क्षेत्रीय सर्वेक्षण के रूप में मकानों की गणना होगी,दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। हिमालयी राज्य को देखते हुए उत्तराखण्ड में जनसंख्या गणना का काम 11 सिंतबर से 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। मौजूद अधिकारियों को डिजिटल प्रकिया,मोबाइल एप आधारित डाटा संकलन,सीएमएमएस पोर्टल सहित जनगणना को लेकर जानकारी दी गई। इस दौरान जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक परविंद्र कुमार सिंह,सांख्यिकी अधिकारी अनुपम आर्या,हेमंत कुमार सहित अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।
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