रायबरेली ,20 फरवरी (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से कर विभाग की एक बड़ी लापरवाही या फिर किसी गहरी साजिश का बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चाक पर मिट्टी के बर्तन गढ़कर किसी तरह अपने परिवार की रोजी-रोटी चलाने वाले एक गरीब कुम्हार को एक करोड़ रुपये से ज्यादा का जीएसटी वसूली नोटिस भेज दिया गया है। रघुवीरगंज बाजार के रहने वाले मोहम्मद शहीद के घर जब यह सरकारी फरमान पहुंचा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अनपढ़ होने के कारण पहले तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब आसपास के लोगों ने नोटिस की भारी-भरकम रकम पढ़कर बताई तो कुम्हार और उसके पूरे परिवार के होश उड़ गए।
बिहार के हाजीपुर से आया वसूली का फरमान
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद शहीद पीढिय़ों से मिट्टी के कुल्हड़ और खिलौने बनाने का काम करते आ रहे हैं। उनके नाम पर केंद्रीय माल एवं सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क (वैशाली प्रमंडल, हाजीपुर) की तरफ से डाक के जरिए एक पत्र आया। इस पत्र में उन पर 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपये का टैक्स बकाया निकालते हुए इसे जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है। पीडि़त का स्पष्ट कहना है कि उनकी आज तक कोई फर्म या कंपनी रही ही नहीं है और न ही उनका किसी तरह के व्यावसायिक काम या पार्टनरशिप से कोई लेना-देना है। ऐसे में बिहार के हाजीपुर से उन्हें करोड़ों का यह नोटिस भेजा जाना पूरी तरह से किसी बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा है।
जालसाजी का शिकार हुआ गरीब परिवार, लगाई न्याय की गुहार
इस बेतहाशा रकम की अदायगी के डर से खौफजदा कुम्हार ने अब स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। मोहम्मद शहीद का मानना है कि किसी शातिर जालसाज ने गलत तरीके से उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है, जिसकी उन्हें बिल्कुल भी भनक नहीं लगी। उन्होंने प्रशासन से इस फर्जी नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मदद नहीं की, तो वह अपना छोटा सा मकान और घर का सारा सामान बेचकर भी यह रकम कभी नहीं चुका पाएंगे।
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