रायपुर 22 फरवरी 2026(आरएनएस) राजधानी में खौफ फैलाने वाले चाकूबाजों और हिस्ट्रीशीटरों पर नॉर्थ जोन पुलिस ने बड़ा मनोवैज्ञानिक वार किया है। एक साथ करीब 60 बदमाशों को थाने में हाजिर कर उनकी परेड ली गई और सख्त लहजे में साफ संदेश दिया गया—अब अपराध की राह छोड़े बिना गुंजाइश नहीं बचेगी।
पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में उरला, खमतराई, गुढ़ियारी, खम्हारडीह और पण्डरी थाना क्षेत्रों में रहने वाले चाकूबाजों, हिस्ट्रीशीटरों और आपराधिक तत्वों को थाने बुलाकर सीधी चेतावनी दी गई। बदमाशों की बाकायदा परेड कराई गई और उन्हें हर सप्ताह थाने में हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने दो टूक कहा कि यदि किसी भी अपराध में दोबारा नाम आया तो सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। इतना ही नहीं, अपराध में लिप्त साथियों की जानकारी भी पुलिस को देने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में छोटी से छोटी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देना अब इनकी जिम्मेदारी भी होगी।
सोशल मीडिया पर ‘गुंडा’, ‘डॉन’, ‘माफिया’ या ‘गैंगस्टर’ जैसे नामों से आईडी बनाकर हाथों में चाकू, तलवार, एयर गन या पिस्टलनुमा लाइटर के साथ फोटो-वीडियो और रील्स अपलोड करने वालों को भी थाने तलब कर कड़ी फटकार लगाई गई। पुलिस ने साफ चेतावनी दी कि हथियारों के साथ दिखावा और दहशत फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नॉर्थ जोन पुलिस का यह अभियान सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराधियों को सुधार की आखिरी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। संदेश साफ है—राजधानी में अब ‘डॉनगिरी’ नहीं चलेगी, कानून ही चलेगा।


