वाशिंगटन,23 फरवरी। अमेरिका की सरकार कल से उन टैरिफ को वसूलना बंद कर देगी, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत टैरिफ संग्रह मंगलवार को स्थानीय अमेरिकी समयानुसार रात 12.01 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे) बंद हो जाएगा। इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आईईईपीए के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था।
सीबीपी ने कहा कि अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए सभी तरह के टैरिफ, जिसमें रूस से तेल खरीदने पर भारत जैसे देशों पर लगने वाला टैरिफ भी शामिल है, 24 फरवरी से खत्म हो जाएंगे। सीबीपी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन कार्यकारी आदेशों की सूची भी जारी की है, जिनके तहत अलग-अलग टैरिफ लगाए गए थे। इनमें वेनेजुएला से तेल आयात करने वाले देश और चीन में सिंथेटिक ओपिओइड से जुड़े कार्यकारी आदेश शामिल हैं।
केवल वही टैरिफ निलंबित होंगे, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने आईईईपीए कानून के तहत लगाया था। इसके दायरे में सभी रेसिप्रोकल टैरिफ आते हैं। इसके अलावा वे टैरिफ जारी रहेंगे, जो धारा 232 राष्ट्रीय सुरक्षा शक्तियों और धारा 301 अनुचित व्यापार कानूनों के तहत लगाए गए हैं। यानी सभी देशों पर 15 प्रतिशत टैरिफ जारी रहेंगे। सीबीपी ने कहा, हम आवश्यकतानुसार संदेशों के माध्यम से व्यापार समुदाय को अतिरिक्त मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद ट्रंप ने नए कानून के तहत सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। बाद में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। ये टैरिफ लागू हो गया है। इन टैरिफ में कुछ सामानों को छूट दी गई है। इनमें जरूरी खनिज, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा उत्पाद, चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट, बीफ, खेती के सामान, ऑटोमोबाइल और पार्ट्स और अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच मौजूदा समझौते के तहत आने वाली चीजें शामिल हैं।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स द्वारा लिखित फैसले में कोर्ट ने आईईईपीए के तहत टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया। को र्ट ने कहा, 1977 का यह कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। संसद की अनुमति के बिना इतने व्यापक टैरिफ लागू कर ट्रंप ने सीमा लांघी है। हालांकि, 3 जजों ने फैसले पर असहमति जताई है।
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