वॉशिंगटन ,24 फरवरी । डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा कि अदालत के निर्णय ने अनजाने में उनके व्यापारिक अधिकारों को पहले से अधिक मजबूत कर दिया है। उन्होंने फैसले को अनपेक्षित, मूर्खतापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाजनकारी करार दिया। उन्होंने कहा, इस फैसले से चीन जैसे देशों को फायदा होगा और अमेरिका को नुक्सान होगा।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ञ्जह्म्ह्वह्लद्ध स्शष्द्बड्डद्य पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि अदालत की टिप्पणी से उन्हें लाइसेंसिंग प्रावधानों के जरिए अधिक व्यापक और प्रभावी कर तथा शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कोर्ट ने कुछ प्रकार के टैरिफ लगाने की उनकी शक्ति पर रोक भी लगाई है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टैरिफ नीति के एक बड़े हिस्से को रद्द कर दिया था। अदालत ने माना कि ट्रंप प्रशासन ने ढ्ढठ्ठह्लद्गह्म्ठ्ठड्डह्लद्बशठ्ठड्डद्य श्वद्वद्गह्म्द्दद्गठ्ठष्4 श्वष्शठ्ठशद्वद्बष् क्कश2द्गह्म्ह्य ्रष्ह्ल (ढ्ढश्वश्वक्क्र) समेत कुछ आपातकालीन शक्तियों का दुरुपयोग किया। इस निर्णय के बाद व्यापक व्यापारिक शुल्क लगाने के उनके अधिकारों पर सीमाएं तय कर दी गईं।
फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने दुनिया भर से होने वाले सभी आयात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की और बाद में इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का संकेत दिया। यह कदम अदालत के फैसले के बावजूद उठाया गया। इस बीच, चीन ने अमेरिका से एकतरफा टैरिफ वापस लेने की मांग की है, यह कहते हुए कि इससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ रहा है। भारत सहित कई देशों के लिए फिलहाल 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लागू रहेगा, जिससे अल्पकालिक राहत की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रहेगी और व्यापार नीतियों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
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