(कोरिया)वीबी जीरामजी की प्रत्येक विशेषताओं और व्यापक हितलाभ के लिए आईइसी गतिविधि जारी
०वीबी जीरामजी की प्रत्येक विशेषताओं और व्यापक हितलाभ के लिए आईइसी गतिविधि जारी
०जिले के प्रत्येक ग्राम तक तथ्यात्मक जनसंवाद के लिए लगातार हो रहे हैं कार्यक्रम
कोरिया,24 फरवरी(आरएनएस)। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन यानी वीबी जीरामजी के तहत आने वाले समय में पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाले प्रत्येक हितलाभ के संबध में व्यापक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर कोरिया चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार वीबी जीरामजी योजनांतर्गत लागू वैधानिक प्रावधानों और प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के अधिकारों की विस्तृत जानकारी देने के लिए पूरे जिले में गत 26 जनवरी से अलग अलग गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सूचना शिक्षा संचार के तहत इसकी निर्धारित रूपरेखा अनुसार प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विदित हों कि राज्य कार्यालय द्वारा आगामी 8 मार्च तक हर सप्ताह आईईसी गतिविधियों के विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
26 जनवरी से आरंभ जनसंवाद 8 मार्च तक चलेगा
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन यानी वीबी जीरामजी के प्रति प्रत्येक व्यक्ति तक सूचना शिक्षा और संचार ले जाने के उद्देश्य को लेकर लगातार छ सप्ताह तक आईइसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। गत 26 जनवरी से पहले सप्ताह का आयोजन आरंभ कर हर सप्ताह पृथक गतिविधियों को आयोजित कर संवाद किया जा रहा है। लगातार छ सप्ताह यानी आगामी मार्च माह के पहले सप्ताह तक निरंतर आईइसी गतिविधियों का आयोजन कर जन-जन तक वीबी जीरामजी के तथ्यात्मक पहलुओं से प्रत्येक भ्रम दूर करते हुए श्रमिकों को मिलने वाले लाभ स्पष्ट तरीके से बताए जाएंगे।
अधिकार संरक्षण संकल्प दिवस
आईइसी गतिविधियों के दूसरे सप्ताह से पूरे जिले में सामूहिक संकल्प की गतिविधियों को आयोजित किया गया तथा इसके तहत सभी जगहों पर श्रमिकों को 125 दिवस के सुनिश्चित रोजगार की अधिकारिता से अवगत कराया गया। जिससे प्रत्येक श्रमिक इस योजना से खुद को जोड़कर आगे बढऩे के लिए प्रतिबद्ध हो सकेंगे। इससे योजना के प्रति सामूहिक प्रगाढ़ता का सकारात्मक वातावरण निर्माण हो सकेगा। ग्राम पंचायतों में आयोजित अधिकार सरंक्षण संकल्प दिवस के अवसर पर ग्रामीणों ने विकसित भारत के निर्माण हेतु जीरामजी में निष्ठापूर्वक सहभागिता का संकल्प दोहराया।
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