कांकेर, 25 फरवरी (आरएनएस)। बस्तर संभाग के कांकेर जिले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत माओवादी संगठन से जुड़े दो सक्रिय कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। इनमें उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी के डीवीसीएम मल्लेश तथा पार्टी सदस्य रानू पोडियाम शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि दोनों कैडरों ने हाल ही में कांकेर पुलिस और बीएसएफ से संपर्क कर आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास की इच्छा जताई और सुरक्षा बलों के समक्ष पहुंचे। उनके अनुसार, दोनों ने क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी सदस्यों से संपर्क कर उन्हें भी मुख्यधारा में लाने के प्रयास शुरू किए हैं।
प्रशासन द्वारा बताया गया है कि दोनों कैडरों के सामाजिक पुनर्वास एवं हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पिछले दो वर्षों में 2400 से अधिक माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जो क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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