नई दिल्ली ,26 फरवरी (आरएनएस)। प्रयागराज में दर्ज यौन उत्पीडऩ मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ जांच तेज हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाबालिग पीडि़तों की मेडिकल जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और इसे बंद लिफाफे में जांच अधिकारी को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट को अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बुधवार को पीडि़त नाबालिगों का मेडिकल टेस्ट कराया था। दो डॉक्टरों के पैनल ने प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बटुकों से कुकर्म किसने किया? कब किया? कहां किया? ये जांच का विषय है। पूरी जांच के बाद साफ होगा कि अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप कितने सही हैं। थाना प्रभारी झूंसी महेश मिश्र ने बताया कि कोर्ट का मामला है। ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते। इससे पहले, शंकराचार्य पर केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने बुधवार को कहा था कि सारे सबूत हैं। मेडिकल में बटुकों से कुकर्म की पुष्टि हुई है। जल्द न्याय होगा। इधर, एक पीडि़त बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। हमारे साथ और भी बच्चे थे, उनका भी शोषण किया गया। किसने शोषण किया? इस पर पीडि़त ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद। क्या आप माघ मेले की बात कर रहे? इस पर उसने कहा- जी, वहां पर भी मेरे साथ 16 जनवरी को शोषण किया। शंकराचार्य के शिष्य प्रकाश और अरविंद बच्चों को बाहर से लाते हैं। इसके बाद उनके साथ यौन शोषण किया जाता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया साजिश
वहीं यौन शोषण के आरोपों को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में पुलिस का सहयोग करेंगे। हालांकि, उनका कहना था कि यूपी पुलिस पर जनता को भरोसा नहीं है, लिहाजा किसी दूसरे राज्य की पुलिस ने से आरोपों की जांच करवाई जाए।
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