भोपाल 26 फरवरी (आरएनएस)।निजी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे सभी मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के लिए नर्सिंग होम तथा क्लिनिक एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीयन जरूरी किया गया है। सीएमएचओ कार्यालय की समीक्षा एवं समय समय पर किए गए निरीक्षण में पाया गया है कि कई फिजियोथेरेपी क्लिनिक्स द्वारा पंजीयन नहीं कराया गया। जबकि मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 तथा नियम 1997 (यथा संशोधित) 2021 के प्रावधान अनुसार फिजियोथेरेपी क्लीनिक का पंजीयन अनिवार्य किया गया है।
सीएमएचओ द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि भोपाल के डेढ़ दर्जन फिजियोथेरेपी केंद्रों ने ही पंजीयन करवाया है। जबकि जिले में बड़ी संख्या में इन केंद्रों का संचालन संभावित है। इसे देखते हुए सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने निरीक्षण दल को केंद्रों के संचालन की स्थिति को देखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि नर्सिंग होम एवं क्लिनिक एस्टेब्लिशमेंट अधिनियम में मेडिकल लेबोरेटरी, फिजियोथेरेपी केंद्र,क्लीनिक या इसके सदृष्य अन्य नामों से जाने वाली स्थापनाएं पंजीकृत की जानी अनिवार्य हैं। एक्ट की धारा 3 के अनुसार कोई भी व्यक्ति पंजीयन के बिना सेवाएं संचालित नहीं कर सकता है।

