चंडीगढ़ 27 Feb, (Rns) : पंजाब में मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में प्रदेश सरकार बुजुर्गों का खास ख्याल रख रही है। बुजुर्गों को समय पर पेंशन मिल रही है ताकि उनको आर्थिक राहत मिल सके। राज्य में तकरीबन 34 लाख 40 हजार लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की पेंशन दी जा रही है। इससे बुजुर्गों का जीवन बेहद आसान हो गया है। पेंशन बुजुर्गों के लिए सिर्फ रुपयों की एक किस्त नहीं बल्कि जीवनयापन का बड़ा जरिया है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का निर्देश है कि बुजुर्गों को पेंशन सही समय पर मिल जाए ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। सामाजिक कल्याण योजनाओं को सफल रूप से लागू करने का नतीजा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक पंजाब में 43,644 नए पेंशन आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। पंजाब सरकार हमारे बुजुर्ग, हमारा मान अभियान के तहत सर्वेक्षण करवा रही है ताकि प्रत्येक बुजुर्ग तक पेंशन योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में हर वर्ग के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए खूब काम हो रहे हैं। पंजाब में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने, योजनाओं की निगरानी करने और पात्र लाभार्थियों को बिना देरी लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसके अलावा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खास फोकस किया जा रहा है।
पंजाब सरकार ने 16 जनवरी को जिला एस.ए.एस. नगर (मोहाली) से ‘साडे बुज़ुर्ग, साडा मान’ राज्य स्तरीय अभियान की औपचारिक शुरुआत की, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करना है। पहल का लक्ष्य प्रदेश भर के बुज़ुर्ग नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है। ‘साडे बुज़ुर्ग, साडा मान’ अभियान का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं, कानूनी जागरूकता और सरकारी कल्याण योजनाओं से जोडऩा है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। यह अभियान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वरिष्ठ नागरिकों की राज्य कार्य योजना के तहत लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने साडे बुजुर्ग साडा मान (हमारे बुजुर्ग हमारा मान) नामक पहल को महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान और प्रेम बताया है। यह पहल बुज़ुर्गों के लिए किसी पुरानी पेंशन की तरह नहीं है, बल्कि यह वह पुराना प्यार और सम्मान लौटाने का प्रयास है, जिसके वे सच्चे हकदार हैं। इसका लक्ष्य राज्य के बुजुर्गों की आवश्यक देखभाल और सम्मान प्रदान करना है।

