नई दिल्ली 27 Feb, (Rns): भारतीय रेलवे से सफर करते समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला यात्री ट्रेन के कोच के अंदर अपनी साइड लोअर सीट के पास लगे चार्जिंग पॉइंट में इलेक्ट्रिक केतली का प्लग लगाकर कुछ बनाती हुई नजर आ रही है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो के सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। मामले के तूल पकड़ते ही भारतीय रेलवे ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि ट्रेन के भीतर ऐसे उपकरणों का उपयोग करना पूरी तरह से असुरक्षित, प्रतिबंधित और एक दंडनीय अपराध है।
ओवरलोडिंग और आग लगने का रहता है गंभीर खतरा
रेलवे प्रशासन के अनुसार ट्रेन के कोचों में दिए गए पावर सॉकेट केवल 110 वोल्ट और कम एम्पीयर क्षमता पर काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन सॉकेट्स का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप या अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने की सुविधा देना होता है। इलेक्ट्रिक केतली जैसे उपकरण, जो आमतौर पर 1000 से 2000 वाट की उच्च क्षमता वाले होते हैं, उन्हें इन सॉकेट में लगाने से ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट या आग लगने का बड़ा खतरा उत्पन्न हो जाता है। इससे न केवल कोच की बिजली व्यवस्था ठप हो सकती है, बल्कि पूरी ट्रेन के यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। इसी वजह से रेलवे नियमों के तहत इलेक्ट्रिक केतली, इमर्शन रॉड, हीटिंग कॉइल, इलेक्ट्रिक स्टोव और इंडक्शन कुकर जैसे गर्मी उत्पन्न करने वाले उपकरणों का उपयोग सख्त वर्जित है।
रेलवे एक्ट के तहत हो सकती है जेल और भारी जुर्माना
चलती ट्रेन में इस तरह के उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर रेलवे की संपत्ति का दुरुपयोग और सुरक्षा नियमों का घोर उल्लंघन माना जाता है। इस तरह की लापरवाही के लिए रेलवे एक्ट 1989 की धारा 153 के तहत दोषी पाए जाने पर यात्री को जुर्माना और छह महीने तक की कैद की सजा हो सकती है। इसके अलावा, यदि इस कृत्य के कारण ट्रेन में आग लगती है, धुआं उठता है या कोई अन्य नुकसान होता है, तो धारा 154 के तहत दो साल तक की जेल और भारी जुर्माना दोनों लगाए जाने का कड़ा प्रावधान है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी लापरवाही की घटनाएं
ट्रेन में सुरक्षा ताक पर रखने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2025 में भी एक महिला द्वारा चलती ट्रेन में इंडक्शन का इस्तेमाल कर मैगी बनाने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद सेंट्रल रेलवे ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है कि वे केवल अधिकृत सुविधाओं का ही उपयोग करें। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसी असुरक्षित हरकतें न करें और अगर कोई सहयात्री ऐसा करता दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना टीटीई या वहां मौजूद रेलवे स्टाफ को दें ताकि किसी भी बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सके।

