तेहरान 28 Feb, – इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने बड़ा जवाबी हमला किया है। शनिवार दोपहर ईरान ने कम से कम आठ देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें बहरीन के नेवल बेस, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत, दुबई आदि शामिल हैं। हमलों के बाद बहरीन ने कहा है कि अमेरिकी नेवी के पांचवें फ्लीट के हेडक्वार्टर को मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया है।
बहरीन सरकार ने पुष्टि की है कि वहां स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइलों से निशाना बनाया गया। यह बेड़ा United States Navy Fifth Fleet के नाम से जाना जाता है और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का अहम केंद्र है।
खाड़ी देशों में धमाकों की गूंज
कतर की राजधानी में भी तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अबू धाबी और दुबई में भी विस्फोटों की गूंज सुनाई दी। शुरुआती रिपोर्टों में बड़े नुकसान या हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हालात की निगरानी कर रही हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने “खतरनाक और सटीक मार करने वाली मिसाइलों” से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। मध्य-पूर्व के कई देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं, जहां बड़ी संख्या में सैनिक, फाइटर जेट और उन्नत हथियार तैनात हैं।
पहले अमेरिका-इजरायल का हमला
इससे पहले शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर व्यापक हमला किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक वीडियो संदेश जारी कर ईरानी नागरिकों से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआती हमलों में तेहरान के डाउनटाउन क्षेत्र में स्थित ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के आवासीय परिसर को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, उस समय उनके वहां मौजूद होने की पुष्टि नहीं हो सकी। हमलों के बाद राजधानी तेहरान से धुएं के गुबार उठते देखे गए।
ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया
ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने बयान जारी कर कहा कि उसने इजरायल की ओर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर दागकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित Houthi movement ने भी रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल के खिलाफ हमले दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
परमाणु कार्यक्रम बना टकराव की जड़
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाने के लिए पहले ही क्षेत्र में लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की बड़ी तैनाती कर दी थी। उनका दावा है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
तेजी से बदलते हालात के बीच पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। वैश्विक बाजारों और तेल आपूर्ति पर भी इस टकराव का असर पड़ सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।

