वॉशिंगटन 28 Feb, – अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान में “बड़े और निर्णायक सैन्य ऑपरेशन” शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान के मौजूदा शासन से उत्पन्न खतरे को समाप्त करना है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
अपने वीडियो संदेश में ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के नेतृत्व वाले शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर अपने लोगों और सहयोगी देशों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड और सुरक्षा बलों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने हथियार डाल दें और “पूर्ण इम्यूनिटी” का विकल्प स्वीकार करें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि ईरान में सक्रिय “कट्टर और खतरनाक तत्व” सीधे तौर पर अमेरिकी सैनिकों, नागरिकों और वैश्विक सहयोगियों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर स्पष्ट रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति कभी नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि ताजा हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से किए गए हैं, जिसे कथित तौर पर फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही थी। इस सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय हालात पर टिकी हुई है।

