देहरादून 1 मार्च (आरएनएस)। अंगदान, नेत्रदान और देहदान जैसे पुनीत कार्यों को समाज में बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘दधीचि देह दान समिति (रजि.) देहरादूनÓ ने रविवार को अपना पंचम (पांचवां) स्थापना दिवस मनाया। सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में उन दिवंगत आत्माओं के परिजनों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने मरणोपरांत देह, अंग या नेत्रदान कर समाज के लिए सर्वोच्च त्याग किया है। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी ने शिरकत की। वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य और सामाजिक सद्भाव से जुड़े अशोक बेरी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर गढ़वाल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने की। कार्यक्रम में श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के 108 महंत कृष्णगिरि जी महाराज उपस्थित रहें। ‘मानवता के लिए महादानÓ का दिया संदेश मंच से वक्ताओं ने ‘मानवता के लिए- नेत्रदान, अंगदान, देहदानÓ के संकल्प को दोहराते हुए जनमानस से इस महादान के लिए आगे आने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि मृत्यु के पश्चात अंगदान या देहदान करना चिकित्सा विज्ञान और जरूरतमंदों के लिए एक अमूल्य योगदान है। कार्यक्रम के दौरान मंचस्थ अतिथियों द्वारा सभी दिवंगत दानियों के परिजनों को पूरे सम्मान के साथ स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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