जांजगीर-चांपा, 05 मई (आरएनएस)। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मधईपुर में हुई सिलसिलेवार चोरी की चार घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लाखों रुपये के सोना-चांदी के जेवर, नगदी सहित अन्य सामान बरामद किया है। यह कार्रवाई प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में की गई।
जानकारी के अनुसार 2 और 3 मई 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने मधईपुर गांव के चार अलग-अलग घरों को निशाना बनाया था। चोरों ने घरों में घुसकर अलमारी और पेटियों में रखे कीमती जेवर, नगदी और अन्य सामान चोरी कर लिया था। पहली घटना में संतराम रात्रे के घर से चांदी का पायल और सोने का लॉकेट चोरी हुआ, दूसरी घटना में रवि शंकर रात्रे के घर से पायल, मंगलसूत्र, लॉकेट और नगदी पार कर दी गई। तीसरी घटना में रेशम लाल रात्रे के सूने मकान का ताला तोड़कर बिछिया, सोने के जेवर, कांस-पीतल के बर्तन और नगदी चोरी की गई, जबकि चौथी घटना में विजय कुमार के घर से एलईडी टीवी, मोबाइल, चांदी के सिक्के, पायल, सोने के आभूषण और नगदी चोरी कर ली गई थी।
क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और साइबर तकनीक के आधार पर पुलिस ने संदेहियों की पहचान करते हुए अमृत पटेल, उत्तम पठारे और तुलसी पटेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने पल्सर मोटरसाइकिल से गांव पहुंचकर चारों घरों में चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोना-चांदी के आभूषण, नगदी, कांस-पीतल के बर्तन, एलईडी टीवी, मोबाइल सहित बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और एक चाकू भी जब्त किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4), 305(ए), 112(1) तथा आम्र्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि मुख्य आरोपी अमृत पटेल थाना सक्ती का निगरानी बदमाश है, जिसके खिलाफ पहले से ही चोरी का मामला दर्ज है और वह फरार चल रहा था। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
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