इस्लामाबाद ,03 मार्च । पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोमवार को भारत पर एक और युद्ध की तैयारी करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने सिंधु जल संधि पर भारत द्वारा रोक लगाने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे ‘हाइड्रो-टेररिज्मÓ करार दिया।
जरदारी ने कहा, भारतीय नेता कहते हैं कि वे एक और जंग की तैयारी कर रहे हैं। क्षेत्र में शांति के समर्थक के तौर पर मैं इसकी सलाह नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के लिए तैयार है और भारत को युद्ध के मैदान से हटकर सार्थक बातचीत की मेज पर आना चाहिए, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यही एकमात्र रास्ता है।
पाक राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों को कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देता रहेगा। उनका कहना था कि जब तक कश्मीर मुद्दे का समाधान नहीं होता, दक्षिण एशिया में स्थायी शांति संभव नहीं है।
सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले की आलोचना करते हुए जरदारी ने आरोप लगाया कि पानी के प्रवाह को राजनीतिक लाभ के लिए हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इसे हाइड्रो-टेररिज्म बताया।
जरदारी ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अफगानिस्तान में आतंकी समूहों की मौजूदगी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि इस खतरे को नजरअंदाज किया गया तो अन्य देश भी गंभीर हमलों का शिकार हो सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकी गतिविधियों को लेकर सैन्य तनाव बढऩे से रोकने के लिए कूटनीतिक उपाय अपनाए हैं। साथ ही उन्होंने कहा, पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ शांति भंग करने के लिए नहीं होने देगा।
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