तेहरान ,03 मार्च । ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी भयंकर जंग जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सीमा के दोनों तरफ रहने वाले आम लोगों में दहशत का माहौल है। इस बीच तालिबान के लड़ाकों ने डूरंड लाइन पार करके पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों पर कब्जा जमा लिया है। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अफगान सेना ने स्पिन बोल्डक और शोराबक इलाके में काल्पनिक डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी पोस्ट को अपने नियंत्रण में ले लिया है। वहीं, अफगानिस्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से शांति की कोई उम्मीद नहीं है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद का कहना है कि पाकिस्तान के हमलों में बेगुनाह नागरिक मारे जा रहे हैं और सुरक्षा परिषद की बैठकों का अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
आमने-सामने आए पाकिस्तान और तालिबान
इस ताजा संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए। इसके जवाब में 24 फरवरी की शाम को तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों और सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तान का दावा था कि 21 फरवरी को उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने पुष्टि की कि उन हमलों में आम नागरिकों की जान गई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। पाकिस्तान ने तालिबान की इस जवाबी कार्रवाई को ‘गलत फैसलाÓ बताते हुए काबुल को गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी।
ड्रोन्स और लड़ाकू विमानों से काबुल पर बमबारी
तालिबान की आक्रामकता को देखते हुए पाकिस्तान ने 25 फरवरी की सुबह अफगानिस्तान के भीतर एक बड़ा सैन्य अभियान छेड़ दिया। पाकिस्तानी वायुसेना ने ‘गज़़ब लिल हक़Ó नाम के ऑपरेशन के तहत काबुल से लेकर कंधार तक लड़ाकू विमानों और ड्रोन्स के जरिए जमकर बम बरसाए हैं। काबुल के दारुलअमन और पश्चिमी रिहायशी इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने भी काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में पाकिस्तानी बमबारी की पुष्टि की है। इसके पलटवार में तालिबान ने हेलमंद और पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में कई पाकिस्तानी चौकियों को तबाह कर दिया है।
पाकिस्तान ने अपनी नाकामी का ठीकरा भारत पर फोड़ा
अपनी सेना को हो रहे भारी नुकसान से बौखलाए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इसे तालिबान के खिलाफ एक खुली जंग करार दिया है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए उन्होंने आरोप लगाया है कि तालिबान यह सब भारत के इशारे पर कर रहा है और अब पाकिस्तान के सब्र का बांध टूट गया है। हालांकि, भारत और अफगानिस्तान दोनों ने ही पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दोनों देशों का कहना है कि पाकिस्तान अपनी घरेलू परेशानियों से अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह झूठा नैरेटिव गढ़ रहा है।
खौफ के साये में लोग, शांति की अपील बेअसर
इस बीच 26 फरवरी को तालिबान ने खोस्त, नंगरहार, पक्तिका और कुनार प्रांतों में भी अपने हमले और तेज कर दिए। जाजी मैदान, अली शेर और तेरेजाई जिलों में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया गया है। दोनों ही देश एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। काबुल के आसमान में लगातार फाइटर जेट्स की आवाजें आ रही हैं और जवाबी फायरिंग से लोग खौफ में हैं। हालात को बेकाबू होता देख संयुक्त राष्ट्र और रूस ने दोनों देशों से तत्काल युद्ध रोकने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। हालांकि, तालिबान के अधिकारियों ने कहा है कि वे लड़ाई के साथ-साथ बातचीत के लिए भी तैयार हैं।
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