बिलासपुर, 07 मार्च (आरएनएस)। जिले में स्थित राज्य के एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में शुक्रवार को एक दुखद घटना सामने आई। यहां भर्ती एक मनोरोगी मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान महासमुंद जिले के निवासी लखन लाल साव (35) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक दिन पहले ही इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने कोनी थाना पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, लखन लाल साव पिता स्व. ईश्वर साव, ग्राम बरना जिला महासमुंद का निवासी था। वह मानसिक बीमारी के उपचार के लिए अपने परिजनों के साथ बिलासपुर स्थित सेंदरी मानसिक चिकित्सालय आया था और उसे बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद गुरुवार सुबह वह बाथरूम गया, जहां उसने रोशनदान में गमछा बांधकर फांसी लगा ली। जब तक अस्पताल स्टाफ को इसकी जानकारी मिलती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल कोनी थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मानसिक रोगियों के इलाज के लिए बने अस्पतालों में आमतौर पर विशेष सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की जाती है, ताकि मरीज खुद को या दूसरों को नुकसान न पहुंचा सकें। बावजूद इसके इस तरह की घटना सामने आने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इस अस्पताल में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। छत्तीसगढ़ मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री मुन्ना लाल निर्मलकर ने इस घटना को गंभीर बताते हुए अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल के संचालन पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यही एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय है, जहां अलग-अलग जिलों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इस संबंध में कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि महासमुंद से आए मरीज लखन लाल साव को एक दिन पहले ही इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसने पहले भी दो से तीन बार आत्महत्या का प्रयास किया था। मरीज के साथ उसकी पत्नी टेंडर के रूप में मौजूद थी। गुरुवार सुबह मरीज और उसकी पत्नी के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उसकी पत्नी मोबाइल पर बात करने लगी, उसी दौरान मरीज बाथरूम गया और वहां फांसी लगा ली।
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