न्यूयॉर्क ,07 मार्च । संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि ने कहा कि ईरान में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 1332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। वहीं ईरान भी जवाबी हमले कर रहा है. इस बीच अमेरिका ने बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि आने वाली रात में ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस अभियान का मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरी दुनिया की नजर इस जंग पर टिकी हुई है और हर नया बयान इस संघर्ष को और गंभीर बना रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। फॉक्स बिजनेस के ‘कुडलोÓ शो में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा बमबारी अभियान शुरू कर सकता है। उनके मुताबिक इस अभियान में खास तौर पर ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा। बेसेंट ने कहा कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, जनरल केन और राष्ट्रपति भी इस अभियान को लेकर स्पष्ट संकेत दे चुके हैं। उनका दावा है कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ईरान की क्षमताओं को तेजी से कमजोर कर रही है और यह अभियान काफी प्रभावी साबित हुआ है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर भी अहम कदम उठाया है। वॉशिंगटन ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट दी है। यह फैसला वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बनाए रखने के लिए किया गया है। स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि अमेरिका भविष्य में रूसी तेल पर लगे कुछ और प्रतिबंधों में भी ढील दे सकता है। उन्होंने कहा कि समुद्र में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कच्चा तेल फंसा हुआ है और अगर इन पर से रोक हटाई जाती है तो बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
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