न्यूयॉर्क ,08 मार्च । अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र पर पड़ रहा है। फिलहाल हालात शांत होने की संभावना भी कम दिखाई दे रही है। एक ओर अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी मिसाइल हमलों के जरिए जवाब दे रहा है।
इजरायल ने ईरान के तेल भंडारण स्थलों को निशाना बनाते हुए बड़े हमले किए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के लिए आगे और भी सरप्राइज तैयार हैं। शनिवार को तेहरान और उसके पड़ोसी शहर करज में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
इजरायली सेना ने कई फ्यूल स्टोरेज कॉम्प्लेक्स पर बमबारी की, जिससे आसमान में आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हमले वाले इलाकों से आग की बड़ी-बड़ी लपटें उठती नजर आ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में कई तेल स्टोरेज डिपो पर हमले किए हैं।
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (ढ्ढक्रत्रष्ट) ने रविवार को फार्स न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा कि ईरान कम से कम छह महीने तक अमेरिका और इजरायल के साथ तीव्र संघर्ष जारी रखने में सक्षम है।
ढ्ढक्रत्रष्ट के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं मौजूदा ऑपरेशन की रफ्तार के साथ कम से कम छह महीने तक संघर्ष जारी रख सकती हैं। गार्ड्स ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली सैन्य अड्डों तथा उनसे जुड़ी 200 से अधिक जगहों को निशाना बनाया है।
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