भोपाल 9 मार्च (आरएनएस)।भोपाल में 12वीं कक्षा की छात्रा की सोमवार सुबह करीब 10 बजे संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दो मार्च से उसका इलाज चल रहा था। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले बेटी को प्रेग्नेंट बताकर इलाज किया, बाद में उसे ट्यूमर पीडि़त बता दिया।
वहीं पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों ने किशोरी के पेट में ट्यूमर होने की पुष्टि की है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट परिजनों के डिटेल बयानों के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
17 वर्षीय किशोरी प्राइवेट स्कूल से 12 वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। 2 मार्च को परीक्षा के बाद घर लौटी और उसकी तबीयत खराब हो गई। मृतका के पिता का आरोप है कि बेटी को पहले हमीदिया अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे 2 माह का प्रेग्नेंट होना बताया। हालांकि सोनोग्राफी में कुछ साफ नहीं होने पर हमीदिया में ही स्थित सुल्तानिया अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भेजा गया। जहां उसे ट्यूमर होने की पुष्टि की गई। इससे पहले ही बेटी प्रेग्नेंसी की बात सुनने के कारण डिप्रेशन में आ चुकी थी। उसने कुछ भी बोलना और बात करना बंद कर दिया था। उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता का आरोप है कि पहले पुलिस को बच्ची के प्रेग्नेंट होने की सूचना अस्पताल की ओर दी गई। पुलिस ने रेप पीडि़त मानकर केस की जांच शुरू भी कर दी थी। दूसरी सोनोग्राफी होने के बाद पूरा मामला पलट गया। हालांकि डॉक्टरों की गलत सूचना के कारण बच्ची डिप्रेशन में आई और उसकी मौत हो गई।
एमपी नगर थाने की एसआई ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें जो रिपोर्ट सौंपी है उसके अनुसार पीडि़ता का ट्यूमर का इलाज चल रहा था। परिजनों को प्रेग्नेंसी का संदेह जरूर था, लेकिन रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

