० एसोसिएट जनरल द्वारा नवजीवन के डिजीटल एडीशन को विज्ञापन देने का मामला उठाया भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने
० छग के बाहर के प्रिंट एवं डिजीटल एडीशन को विज्ञापन देने में बरतना चाहिए सावधानी
० मुख्यमंत्री ने कहा यह संस्थान आरएनआई से विधिवत रजिस्टर्ड है
रायपुर, 10 मार्च (आरएनएस)। विधानसभा में आज नईदिल्ली से यएक राजनीतिक दल के मुख पत्र नवजीवन के डिजिटल एडीशन को चार करोड़ से अधिक का विज्ञापन देने का मामला सदन में गूंजा। भाजपा के सुशांत शुक्ला ने एक राजनीतिक दल के मुख पत्र को राज्य सरकार द्वारा दिये गये विज्ञापन को लेकर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रकाशन संस्थान आरएनआई से पंजीकृत है।
विधानसभा में आज प्रश्रकाल के दौरान भाजपा के सुशांत शुक्ला ने पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा एक राजनीतिक दल के मुख पत्र के संस्थान के डिजीटल एडीशन को चार करोड़ का विज्ञापन नियम विरुद्ध दिये जाने का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की विज्ञापन नीति क्या है तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा के अजय चंद्राकर ने कहा कि छग से जो अखबार अथवा डिजीटल अथवा प्रिंट एडीशन प्रकाशित नहीं होते उन्हें राज्य का विज्ञापन देने में प्राथमिकता नहीं बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति प्रचार एवं आत्मप्रचार करने वाले पत्र पत्रिकाओं को छग सरकार द्वारा विज्ञापन नहीं दिया जाना चाहिए।
भाजपा के सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि कृपया यह बताएं की इस संस्थान का संचालन किस संस्था के द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि इस संस्था का प्रकाशन एसोसिएट जनरल ऑफ इंडिया के द्वारा किया जाता है। इसके प्रभारी पवन बंसल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा वाले पत्र पत्रिकाओं को विज्ञापन दिये जाने का मामला पिछली सरकार का है हमने किसी भी संस्थान के विचारधारा वाले पत्र पत्रिकाओं को विज्ञापन नहीं दिया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 लाख प्रति पृष्ठ की दर से विज्ञापन दिया गया है। सुशांत शुक्ला ने पूछा की इस संबंध में पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे। तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन के पास वित्तीय अधिकार के नियम के तहत आरएनआई के तहत पंजीकृत अखबार अथवा डिजीटल प्रिंट एडीशन को विज्ञापन दिया गया है। इस संबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह मामला दिखवा लेंगे। इस पर सुशांत शुक्ला और अजय चंद्राकर ने पूरक प्रश्र उठाया। तब सभापति ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने कह दिया तो इसकी जांच हो जाएगी।
आर शर्मा
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