0-ओव्हर बंटन डम्प के नाम पर जमीन का मामला सदन में गूजा
0-डीएमएफ एवं पर्यावरण विभाग को मिल रहा करोड़ों का राजस्व
0-जमीन राजस्व विभाग की है : मुख्यमंत्री
रायपुर, 10 मार्च (आरएनएस)। मुख्यमत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आरी डोंगरी में गोदावरी इस्पात प्रा.लि. को जमीन भारत शासन के खान मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप यह जमीन आबंटित की गई। यह जमीन राजस्व विभाग की है, इससे राज्य शासन को डीएमएफ (खनिज मद) तथा पर्यावरण को राजस्व मिलता है।
विधानसभा के बजट सत्र में आज कुंवर सिंह निषाद ने कांकेर जिले में आरी डोंगरी माइंस क्षेत्र के अंतर्गत गोदावरी इस्पात संयंत्र को डम्प करने के नाम पर जमीन आबंटन करने का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि इस जमीन का उपयोग कंपनी द्वारा खनिज का डम्प करने के नाम उपयोग किया जाना है। यह जमीन पौने 200 एकड़ है। इसके नीचे बहुमूल्य खनिज हैै। जिसकी उपेक्षा की जा रही है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि आरी डोंगरी में गोदावरी इस्पात को खसरा क्रमांक 165 के तहत जमीन का आबंटन किया गया है। यह जमीन ओव्हर बंटन डम्प के नाम पर की गई है। उन्होंने कहा इस जमीन के नीचे कोई बहुमूल्य खनिज संपदा नहीं है, इसका सर्वे जीओ लॉजिकल सर्वे द्वारा कराया गया है। उन्होंने कहा कि इसका खनिज पट्टा केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार दिया गया है। विधायक कुंवर सिंह नेताम ने कहा कि इसके लिए टेण्डर ऑनलाईन जारी किया गया, जिसका पता भी नहीं चला। भारत के खान मंत्रालय को क्या इसकी जानकारी है । प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सरकार को 190 करोड़ का राजस्व मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस खनिज संपदा से करीब डीएमएफ फंड तथा पर्यावरण के नाम पर करोड़ों रूपसए का राजस्व प्राप्त होता है। इसलिए सरकार को इस जमीन के आबंटन से कोई राजस्व की क्षति नहीं हो रही है।
कांगे्रस के भूपेश बघेल ने जमीन के बारे में पूछा कि यह जमीन राजस्व विभाग की है अथवा वन विभाग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जमीन राजस्व विभाग की है। यह जमीन नियमानुसार दी गई है।
आर. शर्मा
००००

