लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस ) । गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग छुट्टियों में कुछ नया और रोमांचक तलाशते हैं। इसी बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने पर्यटन के नए आयाम गढऩे की दिशा में एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। राज्य को रोमांच, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ विभाग ने एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान देने की पहल शुरू की है।उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत प्रदेशभर में साहसिक पर्यटन परियोजनाओं में निवेश के लिए व्यक्तियों, संस्थाओं और उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है, ताकि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म के सशक्त गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके। इस पहल से न केवल गर्मियों में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार, निवेश और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होंगे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राज्य में पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखकर उसे रोमांचक अनुभवों से जोडऩे की दिशा में काम किया जा रहा है। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देकर प्रदेश की विविध भौगोलिक और प्राकृतिक संभावनाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में निजी क्षेत्र, उद्यमियों और संस्थाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी और लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म गंतव्यों में स्थापित करना है।पर्यटकों की रुचि और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को तीन प्रमुख श्रेणियों—भूमि आधारित, जल आधारित और वायु आधारित एडवेंचर टूरिज्म—में विभाजित किया गया है। इसका उद्देश्य साहसिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।भूमि आधारित एडवेंचर टूरिज्म के अंतर्गत एटीवी टूर, बंजी जंपिंग, साइकिलिंग टूर, जीप सफारी और मोटरसाइकिल टूर जैसी गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। इससे युवाओं को रोमांचक अनुभव मिलेगा और साहसिक पर्यटन को नया मंच मिलेगा।जल आधारित एडवेंचर टूरिज्म के अंतर्गत कयाकिंग, राफ्टिंग, रिवर क्रूजि़ंग और आधुनिक वाटर स्पोट्र्स सेंटर जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को पानी पर आधारित रोमांचक अनुभव प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।वहीं वायु आधारित एडवेंचर टूरिज्म के तहत हॉट एयर बैलूनिंग, पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र को नई उड़ान मिल सके।सरकार की ओर से निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। पर्यटन नीति-2022 के अनुसार 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 2 करोड़ रुपये), 50 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 7.5 करोड़ रुपये), 200 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़ रुपये) और 500 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 25 करोड़ रुपये) की सब्सिडी दी जाएगी। 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 40 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट तथा पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि परिवर्तन और विकास शुल्क में भी पूर्ण छूट दी जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जाएगी।अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि एडवेंचर टूरिज्म को विशिष्ट पहचान देने की यह पहल प्रदेश को पारंपरिक पर्यटन से आगे ले जाकर अनुभव आधारित और भविष्य उन्मुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी। भूमि, जल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियों के माध्यम से राज्य की भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा, वहीं पर्यटन नीति के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहन निजी निवेश को भी आकर्षित करेंगे और इससे प्रदेश के पर्यटन ढांचे को मजबूती मिलेगी।
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