लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस )। प्रदेश की ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोडऩे और ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील तथा जिला मुख्यालय तक सीधी और सुरक्षित पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 लागू करने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत निजी क्षेत्र के बस संचालकों के माध्यम से ग्रामीण मार्गों पर परिवहन सेवा संचालित कराई जाएगी।योजना के अंतर्गत जिस ब्लॉक के लिए आवेदक आवेदन करेगा, उसे उस ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों और निर्धारित रूटों पर अपने विवेक से वाहन संचालन करने का अधिकार होगा। वाहन के फेरों की संख्या और रूट का निर्धारण भी सेवा प्रदाता द्वारा किया जा सकेगा। प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।योजना के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम पंचायत से ब्लॉक तक का सबसे छोटा मार्ग वाहन का मुख्य रूट होगा। इस मार्ग पर पडऩे वाले सभी ग्राम पंचायतों को भी परिवहन सेवा का लाभ मिलेगा। आवश्यकता के अनुसार यह सेवा ग्राम पंचायत से ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक भी संचालित की जा सकेगी।योजना के क्रियान्वयन के लिए आवेदन प्रक्रिया के बाद आवेदनों की स्क्रीनिंग 15 दिनों में की जाएगी। सफल चयन के बाद वाहन उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को अधिकतम 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण और चयन संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। समिति में मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सदस्य सचिव के रूप में शामिल होंगे। यही समिति सेवा प्रदाताओं का चयन करने के साथ ही रूट का अंतिम निर्धारण भी करेगी।योजना के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधकों की होगी, जो नियमित रूप से मण्डलायुक्त को इसकी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित वाहनों को परमिट की अनिवार्यता से छूट देने का भी प्रस्ताव किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा को तेजी से शुरू किया जा सके।
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