लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस )। शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के लोगों को सस्ती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत नई नीतियां लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके अंतर्गत भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) और किफायती किराया आवास (एआरएच) घटकों के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 के दिशा-निर्देश (नीति) जारी किए जाने का प्रस्ताव है।भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में एएचपी घटक के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश (नीति) 2026 तथा किफायती किराया आवास घटक के क्रियान्वयन के लिए भी अलग नीति लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मध्यम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना है।योजना के तहत मध्यम तथा दुर्बल आय वर्ग के लिए बनने वाले आवासों पर केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे लाभार्थियों को कम लागत पर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।योजना के अंतर्गत व्हाइटलिस्टेड परियोजनाओं के लिए विकासकर्ताओं को प्रोत्साहन के रूप में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानचित्र स्वीकृति और बाह्य विकास शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अलावा लाभार्थियों को स्टांप शुल्क में भी राहत प्रदान की जाएगी।किफायती किराया आवास (एआरएच) मॉडल-2 के तहत शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों और संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों तथा अन्य पात्र ईडब्ल्यूएस और एलआईजी परिवारों के लिए निजी और सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा किराये के आवास का निर्माण, संचालन और रखरखाव किया जाएगा।इस पहल से शहरी क्षेत्रों में आवास की उपलब्धता बढऩे के साथ ही जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सस्ती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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