लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस )। नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के साथ ही बढ़ती शहरी आबादी को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के आठ नगरों के लिए धनराशि स्वीकृत करने का प्रस्ताव रखा गया है।
योजना के अंतर्गत नए शहरों के समग्र और व्यवस्थित विकास के लिए शासनादेश दिनांक 6 अप्रैल 2023 के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार भूमि अर्जन में आने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में नए शहरों के विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी प्रावधान के अंतर्गत बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ में नए शहरों के समग्र विकास के लिए संबंधित अभिकरणों को सीड कैपिटल के रूप में कुल 425 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि जारी करने का प्रस्ताव है।सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से इन नगरों में योजनाबद्ध तरीके से बुनियादी ढांचे का विकास होगा और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप आवासीय तथा अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इससे बढ़ती शहरी आबादी के लिए बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने के साथ ही संतुलित क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
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