लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस )। विभिन्न विकास प्राधिकरणों और अभिकरणों की संपत्तियों से संबंधित बकाया धनराशि की वसूली और डिफॉल्टर आवंटियों को राहत देने के उद्देश्य से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।प्रस्तावित योजना सभी प्रकार की संपत्तियों पर लागू होगी। इसके साथ ही मानचित्र स्वीकृति से जुड़े डिफॉल्टर प्रकरणों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा।योजना के अंतर्गत डिफॉल्टर आवंटियों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, जबकि किसी भी प्रकार का दंड ब्याज नहीं वसूला जाएगा। इससे बकाया राशि जमा करने में आवंटियों को राहत मिलेगी और अभिकरणों को भी लंबित धनराशि की वसूली में सुविधा होगी।इस योजना के माध्यम से विभिन्न अभिकरणों की संपत्तियों के डिफॉल्टर आवंटियों तथा मानचित्र स्वीकृति के सापेक्ष लंबित बकाया धनराशि की वसूली सुनिश्चित की जा सकेगी।ओटीएस योजना के तहत आवेदन करने के लिए तीन माह का समय दिया जाएगा। इसके बाद प्राप्त आवेदनों का निस्तारण भी तीन माह के भीतर किए जाने का प्रावधान रखा गया है। योजना के लागू होने से बड़ी संख्या में लंबित मामलों के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
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