लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस )। फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई), विदेशी पूंजी निवेश (एफसीआई), फॉच्र्यून ग्लोबल 500 एवं फॉच्र्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत इम्पावर्ड कमेटी की 15 मई 2025 को हुई बैठक में किए गए निर्णयों पर अनुमोदन प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।प्रस्ताव के अनुसार ‘मेसर्स टीआई मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेडÓ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मेडिकल डिवाइस पार्क क्षेत्र में 4.48 हेक्टेयर (44,800 वर्गमीटर) भूमि पर लगभग 215.20 करोड़ रुपये के निवेश से चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने फॉच्र्यून इंडिया श्रेणी के अंतर्गत फ्रंट-एंड भूमि सब्सिडी की मांग की है।उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई, फॉच्र्यून ग्लोबल 500 और फॉच्र्यून इंडिया 500 कंपनियों के निवेश हेतु प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत इस प्रस्ताव को फॉच्र्यून इंडिया-500 श्रेणी में नोडल संस्था की संस्तुति के आधार पर 5 जुलाई 2024 को हुई प्राधिकृत समिति की बैठक में पहले ही अनुमोदन दिया जा चुका है। इसके बाद कंपनी को 22 जुलाई 2024 को जारी पत्र के माध्यम से इस नीति के अंतर्गत पात्रता प्रमाणपत्र भी प्रदान कर दिया गया है।मेडिकल डिवाइस पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गौतमबुद्ध नगर में कंपनी को भूमि आवंटित की गई है। भारत सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत उद्यमियों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जिससे चिकित्सा उपकरण निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिल सके।इम्पावर्ड कमेटी ने अपने निर्णय में कहा है कि उत्तर प्रदेश की एफडीआई नीति-2023 के अंतर्गत अनुमन्य सब्सिडी की 75 प्रतिशत सीमा तक सब्सिडी प्रदान की जा सकती है, लेकिन इसके लिए यह शर्त होगी कि भारत सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि को घटा दिया जाएगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश में चिकित्सा उपकरण निर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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